Zoya AIज़ोया AI
क़ुरआन और हदीस की रौशनी में हर सवाल का जवाब।
डेमो देखें →بِسْمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيْمِ
اللهُ أَكْبَرُ، اللهُ أَكْبَرُ
لَبَّيْكَ اللَّهُمَّ لَبَّيْكَ، لَبَّيْكَ لَا شَرِيكَ لَكَ لَبَّيْكَ
إِنَّ الْحَمْدَ وَالنِّعْمَةَ لَكَ وَالْمُلْكَ، لَا شَرِيكَ لَكَ
हाज़िर हूँ, ऐ अल्लाह, मैं हाज़िर हूँ। हाज़िर हूँ, तेरा कोई शरीक नहीं, मैं हाज़िर हूँ। बेशक सारी तारीफ़, सारी नेमतें और सारी बादशाहत तेरी ही है, तेरा कोई शरीक नहीं।
🎧 तलबिया की आवाज़ धीमी गूंजेगी — आप कभी भी बंद कर सकते हैं
الله أكبر الله أكبر
لبيك اللهم لبيك
لبيك لا شريك لك لبيك
إن الحمد والنعمة لك والملك
لا شريك لك
لبيك اللهم لبيك
لبيك لا شريك لك لبيك
إن الحمد والنعمة لك والملك
لا شريك لك
HajCare AI
हज कोई घूमने की जगह नहीं, रब के घर का बुलावा है। यह ऐप हर क़दम पर रहनुमाई देता है, ताकि आपका दिल सिर्फ़ इबादत में लगे।
ख़ूबियाँ देखेंचार ख़ूबियाँ · 01–04
क़ुरआन और हदीस की रौशनी में हर सवाल का जवाब।
डेमो देखें →अरबी बोलने वालों से आसान बातचीत।
डेमो देखें →घरवालों को इत्मीनान, हाजी की हिफ़ाज़त।
डेमो देखें →क़दम-ब-क़दम तैयारी।
डेमो देखें →* यह डेमो प्रिव्यू है; फ़ीचर्स का विवरण सामान्य है।
04 · 100 दिन हज ट्रेनिंग प्रोग्राम
नमूना ढाँचा · अंतिम सामग्री उलमा-ए-किराम की निगरानी में तय होगी
हफ़्ता 4 · तलबिया और तवाफ़
कुल 20 मिनट
रोज़ के मिनट कैसे बँटते हैं
क़ुरआन शरीफ़ का सिलसिला: हज से जुड़ी आयात क्रम से — आल-ए-इमरान 3:96–97 से अल-हज 22:26–37 तक, पूरे 100 दिन में।
हफ़्ता-ब-हफ़्ता (टैप करके खोलें)
सफ़र की राह
तलबिया · التلبية
اللهُ أَكْبَرُ، اللهُ أَكْبَرُ
لَبَّيْكَ اللَّهُمَّ لَبَّيْكَ، لَبَّيْكَ لَا شَرِيكَ لَكَ لَبَّيْكَ
إِنَّ الْحَمْدَ وَالنِّعْمَةَ لَكَ وَالْمُلْكَ، لَا شَرِيكَ لَكَ
अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर। लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक, लब्बैका ला शरीका लका लब्बैक, इन्नल हम्दा वन्-निअ'मता लका वल-मुल्क, ला शरीका लक।
“हाज़िर हूँ, ऐ अल्लाह, मैं हाज़िर हूँ। हाज़िर हूँ, तेरा कोई शरीक नहीं, मैं हाज़िर हूँ। बेशक सारी तारीफ़, सारी नेमतें और सारी बादशाहत तेरी ही है, तेरा कोई शरीक नहीं।”
लबों पर जिगर, दिल में सुकून
मुक़द्दस सफ़र
नीयत और सादगी — दुनिया की पहचान उतार कर बंदगी का लिबास।
काबा के गिर्द सात चक्कर — दिल अपने मरकज़ की तरफ़ लौटता है।
सफ़ा और मरवा के बीच — हज़रत हाजरा के भरोसे की याद।
ख़ेमों की बस्ती में ठहराव, ज़िक्र और तैयारी।
हज का दिल — दुआ, आँसू और माफ़ी की उम्मीद।
खुले आसमान तले रात, और कंकरियाँ चुनना।
जमरात पर रमी, क़ुर्बानी, और नई शुरुआत की निशानी।
अल्लाह के घर से रुख़सत — दिल वहीं छोड़कर।
दुआएँ
رَبَّنَا آتِنَا فِي الدُّنْيَا حَسَنَةً وَفِي الْآخِرَةِ حَسَنَةً وَقِنَا عَذَابَ النَّارِ
रब्बना आतिना फ़िद्दुनिया हसनतन व फ़िल आख़िरति हसनतन व क़िना अज़ाबन्नार
ऐ हमारे रब, हमें दुनिया में भलाई दे और आख़िरत में भलाई दे, और हमें आग के अज़ाब से बचा। (अल-बक़रह 2:201 — रुक्न-ए-यमानी और हजर-ए-असवद के बीच)
لَا إِلَهَ إِلَّا اللهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ، لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ
ला इलाहा इल्लल्लाहु वहदहू ला शरीका लहू, लहुल मुल्कु व लहुल हम्दु व हुवा अला कुल्लि शैइन क़दीर
अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, वह अकेला है, उसका कोई शरीक नहीं; उसी की बादशाहत और उसी की तारीफ़, और वह हर चीज़ पर क़ादिर है। (अरफ़ा के दिन की बेहतरीन दुआ)
وَأَذِّن فِي النَّاسِ بِالْحَجِّ
“और लोगों में हज का ऐलान कर दो…” (अल-हज 22:27)
الحَجُّ المَبْرُورُ لَيْسَ لَهُ جَزَاءٌ إِلَّا الجَنَّةُ
“हज्ज-ए-मबरूर का बदला जन्नत के सिवा कुछ नहीं।” (बुख़ारी, मुस्लिम)
डेमो नमूना

क़ुरआन और हदीस की रौशनी में हर सवाल का जवाब
🎙️ आप बोलकर या टाइप करके भी पूछ सकते हैं
आपका सवाल कहीं नहीं भेजा जाता — यह पूरी तरह आपके ब्राउज़र में चलने वाला डेमो है।
⚠️ यह डेमो है। दीनी मसाइल में हमेशा किसी मोतबर आलिम से रुजू करें।
घरवालों को इत्मीनान — काल्पनिक डेमो रूट
सफ़र: मक्का → मिना → अरफ़ात → मुज़दलिफ़ा
● ठीक हैं · डेमो लोकेशन
“अब्बू की लोकेशन दिख रही है, अल्हम्दुलिल्लाह।”
नक़्शा प्रतीकात्मक है, असली दूरी या लोकेशन नहीं।
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