HajCare AI

छूकर दरवाज़ा खोलें

بِسْمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيْمِ

لَبَّيْكَ اللَّهُمَّ لَبَّيْكَ

اللهُ أَكْبَرُ، اللهُ أَكْبَرُ
لَبَّيْكَ اللَّهُمَّ لَبَّيْكَ، لَبَّيْكَ لَا شَرِيكَ لَكَ لَبَّيْكَ
إِنَّ الْحَمْدَ وَالنِّعْمَةَ لَكَ وَالْمُلْكَ، لَا شَرِيكَ لَكَ

हाज़िर हूँ, ऐ अल्लाह, मैं हाज़िर हूँ। हाज़िर हूँ, तेरा कोई शरीक नहीं, मैं हाज़िर हूँ। बेशक सारी तारीफ़, सारी नेमतें और सारी बादशाहत तेरी ही है, तेरा कोई शरीक नहीं।

  1. 01ज़ोया AIक़ुरआन और हदीस की रौशनी में हर सवाल का जवाब।
  2. 02वॉइस ट्रांसलेटरअरबी बोलने वालों से आसान बातचीत।
  3. 03सुकून ट्रैकिंगघरवालों को इत्मीनान, हाजी की हिफ़ाज़त।
  4. 04100 दिन हज ट्रेनिंगक़दम-ब-क़दम तैयारी।

🌐 अपनी ज़बान में सुनें — भारत की 23 भाषाएँ

🎧 तलबिया की आवाज़ धीमी गूंजेगी — आप कभी भी बंद कर सकते हैं

الله أكبر الله أكبر

لبيك اللهم لبيك

لبيك لا شريك لك لبيك

إن الحمد والنعمة لك والملك

لا شريك لك

لبيك اللهم لبيك

لبيك لا شريك لك لبيك

إن الحمد والنعمة لك والملك

لا شريك لك

अल्लाह के घर की तरफ़ आपका बुलावा आ चुका है।

HajCare AI

यह सैर नहीं, सफ़र है —
दुनिया से जन्नत की तरफ़।

हज कोई घूमने की जगह नहीं, रब के घर का बुलावा है। यह ऐप हर क़दम पर रहनुमाई देता है, ताकि आपका दिल सिर्फ़ इबादत में लगे।

ख़ूबियाँ देखें

चार ख़ूबियाँ · 01–04

ताकि आप सिर्फ़ इबादत पर ध्यान दें,
बाक़ी फ़िक्र हम पर छोड़ दें।

01

Zoya AIज़ोया AI

क़ुरआन और हदीस की रौशनी में हर सवाल का जवाब।

डेमो देखें →
02

Voice Translatorवॉइस ट्रांसलेटर

अरबी बोलने वालों से आसान बातचीत।

डेमो देखें →
03

Sukoon Tracking Systemसुकून ट्रैकिंग

घरवालों को इत्मीनान, हाजी की हिफ़ाज़त।

डेमो देखें →
04

100 Days Hajj Training Program100 दिन हज ट्रेनिंग

क़दम-ब-क़दम तैयारी।

डेमो देखें →

* यह डेमो प्रिव्यू है; फ़ीचर्स का विवरण सामान्य है।

भाषाएँ · Languages

अपनी ज़बान में सुनें — भारत की 23 भाषाएँ

संविधान की आठवीं अनुसूची की 22 भाषाएँ + English। ऊपर वाली दस भाषाएँ सबसे पहले।

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04 · 100 दिन हज ट्रेनिंग प्रोग्राम

रोज़ 10–30 मिनट, 100 दिन — क़दम-ब-क़दम तैयारी।

नमूना ढाँचा · अंतिम सामग्री उलमा-ए-किराम की निगरानी में तय होगी

दिन 2320 मिनट

हफ़्ता 4 · तलबिया और तवाफ़

  • क़ुरआन शरीफ़अल-बक़रह 2:125–127 तिलावत व तर्जुमा5 मिनट
  • हदीसतवाफ़ से जुड़ी हदीस (मुस्तनद हवाले से)3 मिनट
  • दुआएँतवाफ़ की दुआ, रब्बना आतिना3 मिनट
  • अरकानतवाफ़ का अमली तरीक़ा4 मिनट
  • डॉक्टर कॉर्नरपैदल चलने की तैयारी3 मिनट
  • नातसुनना/पढ़ना2 मिनट

कुल 20 मिनट

रोज़ के मिनट कैसे बँटते हैं

हल्का दिन · 10 मिनट
आम दिन · 20 मिनट
गहरा दिन · 30 मिनट
  • क़ुरआन शरीफ़
  • हदीस
  • दुआएँ
  • अरकान
  • नात
  • डॉक्टर कॉर्नर
  • सफ़र की तैयारी
  • अख़लाक़ और सब्र

क़ुरआन शरीफ़ का सिलसिला: हज से जुड़ी आयात क्रम से — आल-ए-इमरान 3:96–97 से अल-हज 22:26–37 तक, पूरे 100 दिन में।

हफ़्ता-ब-हफ़्ता (टैप करके खोलें)

हफ़्ता 1दिन 1–7नीयत और बुनियाद
  • क़ुरआन: आल-ए-इमरान 3:96–97 (बैतुल्लाह का ज़िक्र)
  • अरकान/विषय: इख़्लास और नीयत
  • तैयारी व सेहत: हल्की वॉक की शुरुआत; दस्तावेज़ों की सूची
हफ़्ता 2दिन 8–14हज क्या है
  • क़ुरआन: अल-बक़रह 2:196 (हज और उमरा पूरा करना)
  • अरकान/विषय: हज की फ़ज़ीलत
  • तैयारी व सेहत: पासपोर्ट/वीज़ा की जाँच
हफ़्ता 3दिन 15–21इहराम
  • क़ुरआन: अल-बक़रह 2:197 (हज के महीने, अदब)
  • अरकान/विषय: इहराम की पाबंदियाँ
  • तैयारी व सेहत: इहराम का कपड़ा, चप्पल
हफ़्ता 4दिन 22–28तलबिया और तवाफ़
  • क़ुरआन: अल-बक़रह 2:125–127 (इब्राहीम عليه السلام और काबा)
  • अरकान/विषय: तलबिया, तवाफ़ का तरीक़ा
  • तैयारी व सेहत: रोज़ाना 30 मिनट पैदल
हफ़्ता 5दिन 29–35सई
  • क़ुरआन: अल-बक़रह 2:158 (सफ़ा और मरवा)
  • अरकान/विषय: हज़रत हाजरा का भरोसा
  • तैयारी व सेहत: पैरों की देखभाल
हफ़्ता 6दिन 36–42उमरा पूरा अभ्यास
  • क़ुरआन: अल-फ़त्ह 48:27
  • अरकान/विषय: उमरा के अरकान क्रम से
  • तैयारी व सेहत: दवाइयों की लिस्ट (डॉक्टर से)
हफ़्ता 7दिन 43–49मिना
  • क़ुरआन: अल-बक़रह 2:203 (गिने हुए दिन)
  • अरकान/विषय: 8 ज़िलहिज्जा
  • तैयारी व सेहत: गर्मी और पानी का ख़याल
हफ़्ता 8दिन 50–56अरफ़ात
  • क़ुरआन: अल-बक़रह 2:198–199
  • अरकान/विषय: अरफ़ा की दुआ
  • तैयारी व सेहत: धूप से बचाव
हफ़्ता 9दिन 57–63मुज़दलिफ़ा
  • क़ुरआन: अल-बक़रह 2:198 (मशअरुल हराम)
  • अरकान/विषय: कंकरियाँ चुनना
  • तैयारी व सेहत: रात का आराम
हफ़्ता 10दिन 64–70रमी, क़ुर्बानी, हल्क़
  • क़ुरआन: अल-हज 22:27–29
  • अरकान/विषय: 10 ज़िलहिज्जा के काम
  • तैयारी व सेहत: भीड़ में सावधानी
हफ़्ता 11दिन 71–77तवाफ़-ए-इफ़ाज़ा और विदा
  • क़ुरआन: अल-हज 22:29–33
  • अरकान/विषय: तवाफ़-ए-विदा
  • तैयारी व सेहत: सामान पैक करने की लिस्ट
हफ़्ता 12दिन 78–84मदीना मुनव्वरा
  • क़ुरआन: अल-अहज़ाब 33:56 (दुरूद)
  • अरकान/विषय: मस्जिद-ए-नबवी का अदब
  • तैयारी व सेहत: आरामदेह जूते
हफ़्ता 13दिन 85–91अख़लाक़ और सब्र
  • क़ुरआन: अल-हज 22:34–37
  • अरकान/विषय: झगड़े से बचना (2:197)
  • तैयारी व सेहत: टीकाकरण की पुष्टि (डॉक्टर से)
हफ़्ता 14दिन 92–98पूरा दोहराव
  • क़ुरआन: अल-हज 22:26–37 दोहराव
  • अरकान/विषय: सभी अरकान का दोहराव
  • तैयारी व सेहत: फ़ाइनल चेकलिस्ट
आख़िरी दिनदिन 99–100रवानगी की तैयारी
  • क़ुरआन: अल-बक़रह 2:201 (रब्बना आतिना)
  • अरकान/विषय: सफ़र की दुआएँ
  • तैयारी व सेहत: आख़िरी जाँच, परिवार से मिलना

सफ़र की राह

  1. दुनियानीयत और तैयारी
  2. इहरामसादगी का लिबास
  3. बैतुल्लाहरब के घर की हाज़िरी
  4. अरफ़ाततौबा और दुआ
  5. जन्नत की उम्मीदहज-ए-मबरूर की तमन्ना

तलबिया · التلبية

اللهُ أَكْبَرُ، اللهُ أَكْبَرُ
لَبَّيْكَ اللَّهُمَّ لَبَّيْكَ، لَبَّيْكَ لَا شَرِيكَ لَكَ لَبَّيْكَ
إِنَّ الْحَمْدَ وَالنِّعْمَةَ لَكَ وَالْمُلْكَ، لَا شَرِيكَ لَكَ

अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर। लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक, लब्बैका ला शरीका लका लब्बैक, इन्नल हम्दा वन्-निअ'मता लका वल-मुल्क, ला शरीका लक।

“हाज़िर हूँ, ऐ अल्लाह, मैं हाज़िर हूँ। हाज़िर हूँ, तेरा कोई शरीक नहीं, मैं हाज़िर हूँ। बेशक सारी तारीफ़, सारी नेमतें और सारी बादशाहत तेरी ही है, तेरा कोई शरीक नहीं।”

लबों पर जिगर, दिल में सुकून

मुक़द्दस सफ़र

हर मंज़िल, दुनिया से एक क़दम दूर, जन्नत से एक क़दम क़रीब।

  1. इहरामالإحرام

    नीयत और सादगी — दुनिया की पहचान उतार कर बंदगी का लिबास।

  2. तवाफ़الطواف

    काबा के गिर्द सात चक्कर — दिल अपने मरकज़ की तरफ़ लौटता है।

  3. सईالسعي

    सफ़ा और मरवा के बीच — हज़रत हाजरा के भरोसे की याद।

  4. मिनाمنى

    ख़ेमों की बस्ती में ठहराव, ज़िक्र और तैयारी।

  5. अरफ़ातعرفات

    हज का दिल — दुआ, आँसू और माफ़ी की उम्मीद।

  6. मुज़दलिफ़ाمزدلفة

    खुले आसमान तले रात, और कंकरियाँ चुनना।

  7. रमी, क़ुर्बानी व हल्क़الرمي

    जमरात पर रमी, क़ुर्बानी, और नई शुरुआत की निशानी।

  8. तवाफ़-ए-इफ़ाज़ा व विदाطواف الوداع

    अल्लाह के घर से रुख़सत — दिल वहीं छोड़कर।

दुआएँ

लबों पर ज़िक्र, दिल में सुकून।

رَبَّنَا آتِنَا فِي الدُّنْيَا حَسَنَةً وَفِي الْآخِرَةِ حَسَنَةً وَقِنَا عَذَابَ النَّارِ

रब्बना आतिना फ़िद्दुनिया हसनतन व फ़िल आख़िरति हसनतन व क़िना अज़ाबन्नार

ऐ हमारे रब, हमें दुनिया में भलाई दे और आख़िरत में भलाई दे, और हमें आग के अज़ाब से बचा। (अल-बक़रह 2:201 — रुक्न-ए-यमानी और हजर-ए-असवद के बीच)

لَا إِلَهَ إِلَّا اللهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ، لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ

ला इलाहा इल्लल्लाहु वहदहू ला शरीका लहू, लहुल मुल्कु व लहुल हम्दु व हुवा अला कुल्लि शैइन क़दीर

अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, वह अकेला है, उसका कोई शरीक नहीं; उसी की बादशाहत और उसी की तारीफ़, और वह हर चीज़ पर क़ादिर है। (अरफ़ा के दिन की बेहतरीन दुआ)

وَأَذِّن فِي النَّاسِ بِالْحَجِّ

“और लोगों में हज का ऐलान कर दो…” (अल-हज 22:27)

यह सफ़र जन्नत की तरफ़ एक दावत है।
आइए, साथ चलें।

الحَجُّ المَبْرُورُ لَيْسَ لَهُ جَزَاءٌ إِلَّا الجَنَّةُ

“हज्ज-ए-मबरूर का बदला जन्नत के सिवा कुछ नहीं।” (बुख़ारी, मुस्लिम)